पोषण पखवाड़ा 2026 (9 अप्रैल, 2026 से 23 अप्रैल, 2026 तक)
भारत को कुपोषण से मुक्त करने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के अंतर्गत जन-जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से पोषण स्तर में सुधार लाने हेतु विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसी क्रम में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल, 2026 तक पूरे देश सहित जिला शिमला में पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है।
इस संदर्भ में उपायुक्त, जिला शिमला ने बताया कि पोषण पखवाड़ा का आयोजन सभी संबंधित विभागों के अभिसरण (convergence) से किया जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी, शिमला के माध्यम से सभी विभागों के साथ साझा किए जा चुके हैं।
इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य फोकस जीवन के प्रथम छह वर्षों में मस्तिष्क विकास पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
1. मातृ एवं शिशु पोषण:
गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा 0–6 वर्ष के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक आहार एवं कुपोषण की पहचान एवं प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
2. (0–3 )वर्ष के बच्चों में प्रारंभिक मस्तिष्क विकास:
इस आयु वर्ग के बच्चों के समग्र विकास के लिए प्रारंभिक देखभाल एवं पोषण के साथ-साथ अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद, खेल एवं सहभागिता के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।
3. (3–6) वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा:
आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
4. बच्चों में स्क्रीन टाइम में कमी:
अभिभावकों एवं समुदाय को बच्चों में अत्यधिक मोबाइल एवं टीवी के उपयोग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा वैकल्पिक गतिविधियों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
5. आंगनवाड़ी केन्द्रों के सशक्तिकरण हेतु सामुदायिक सहभागिता:
आंगनवाड़ी केन्द्रों के प्रभावी संचालन हेतु स्थानीय समुदाय, पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पोषण अभियान को जन आंदोलन का रूप दिया जा सके
उपायुक्त महोदय ने बताया कि जिला शिमला में पोषण पखवाड़ा के दौरान जिला, खंड, पंचायत, वृत एवं आंगनवाड़ी स्तर पर व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिला में कार्यरत 11 ICDS परियोजनाओं, 88 पर्यवेक्षक वृतों तथा 2154 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (AWWs) के माध्यम से इन गतिविधियों को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि पोषण अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
उन्होंने सभी CDPOs, पर्यवेक्षकों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा लाभार्थियों को पोषण, स्वास्थ्य एवं बाल विकास से संबंधित सेवाओं के प्रति जागरूक करें।
जिला प्रशासन शिमला पोषण पखवाड़ा के सफल आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी विभागों के सहयोग से कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है।
अतिरिक्त उपायुक्त जिला शिमला
शिमला, हिमाचल प्रदेश


