रामपुर में टीबी उन्मूलन समीक्षा बैठक आयोजित
राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल ने आज शिमला जिला के उपमंडल रामपुर में क्षय रोग उन्मूलन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्ष 2024 तक हिमाचल प्रदेश को टीवी मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन, टीबी रोगियों के आंकड़े घटने की बजाय कैसे बढ़ गए, यह चिंता का विषय है। निश्चित तौर पर, हमने अपने कर्तव्य का सही तरीके से पालन नहीं किया जिसके लिए हम सब जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि टीबी रोगी के उपचार की अवधि 6 महीने की है और अगर उसका 6 महीने तक नियमित तौर पर उपचार होता है तो चिकित्सा जांच के बाद उसे टीबी चैंपियन कहा जाता है। अगर रोगियों की यह संख्या बड़ी है तो अब ईमानदारी के साथ उनका उपचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन निक्ष्यमित्रों ने रोगियों को अपनाया है उन्हें इस क्रम को टूटने नहीं देना है और 6 महीने तक लगातार उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित बनानी है।
राज्यपाल ने विभिन्न समाजसेवी संगठनों, संस्थाओं और व्यक्ति विशेष द्वारा निक्ष्यमित्र बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2026 में टीवी मुक्त राज्य बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने निरमंड ब्लॉक के 59 रोगियों को अडॉप्ट किया है और लोक भवन में उनके सचिव द्वारा भी आनी के 6 रोगियों को अडॉप्ट किया गया है।
राज्यपाल ने इस अवसर पर आनी और निरमंड ब्लॉक के टीबी रोगियों को पोषण किट वितरित किये।
इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश राज्य के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के टेक्निकल कंसल्टेंट, डॉ. निशांत सोनी ने पावर पॉइंट के माध्यम से प्रदेश में टीबी की वस्तुस्थिति से अवगत करवाया।
इस अवसर पर, टीबी चैंपियंस ने अपने अनुभव भी सांझ किये।
उप मंडल दंडाधिकारी रामपुर श्री हर्ष नेगी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
राज्यपाल के सचिव श्री सी.पी. वर्मा, उपमंडल दंडाधिकारी कुमारसेन श्री मुकेश शर्मा, उप मंडल दंडाधिकारी आनी श्री लक्ष्मण तनेट तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


