हिमाचल प्रदेश राज्य शाखा एवं जिला रेड क्रॉस शाखा, शिमला के सयुंक्त तत्वाधान से यूथ रेडक्रॉस इकाई, शिमला नर्सिंग कॉलेज, शुराला शिमला में “मानसिक स्वास्थ्य एवं मासिक धर्म स्वच्छता” जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य यूथ रेड क्रॉस स्वयंसेवकों एवं नर्सिंग विद्यार्थियों को “मानसिक स्वास्थ्य के महत्व तथा मासिक धर्म स्वच्छता” से संबंधित सही जानकारी प्रदान करना तथा इस विषय से जुड़े सामाजिक मिथकों एवं भ्रांतियों को दूर करना था।

कार्यक्रम के दौरान दीनदयाल अस्पताल, शिमला की परामर्शदाता (Counselor) श्रीमती मीनाक्षी मेहता द्वारा मानसिक स्वास्थ्य विषय पर विस्तृत एवं प्रेरणादायक व्याख्यान दिया गया। उन्होंने मानसिक तनाव, चिंता एवं भावनात्मक समस्याओं के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान, समय पर परामर्श लेने के महत्व तथा मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाए रखने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त मासिक धर्म स्वच्छता के विषय में भी प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। इस दौरान मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के सही तरीकों, स्वच्छ सैनिटरी उत्पादों के उपयोग, तथा इस विषय से जुड़े सामाजिक कलंक एवं भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष बल दिया गया।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य रेडक्रॉस के जूनियर/यूथ रेडक्रॉस समन्वयक श्री वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि जूनियर/यूथ रेडक्रॉस स्वयंसेवक समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे अपने संस्थानों एवं समुदाय में रेडक्रॉस की मानवीय गतिविधियों को फैलाने में सक्रिय योगदान दें।
इस कार्यक्रम में यूथ रेडक्रॉस स्वयंसेवकों सहित 60 विद्यार्थियों व् शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया गया, जिसमें परामर्शदाता, संस्थान के स्टाफ एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।


