देवता चतुर्मुख नए मंदिर प्रतिष्ठा – देवता साहिब जीशर का पावन प्रस्थान

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देवता चतुर्मुख मैलन पूरे क्षेत्र के अत्यंत पूजनीय और सम्मानित देव माने जाते हैं। अब बात उनके नए मंदिर की। लंबे समय से चल रही भावनात्मक और सामूहिक इच्छा के बाद यह भव्य नया मंदिर बनकर तैयार हुआ है। इसकी वास्तुकला और कारीगरी पारंपरिक पहाड़ी शैली को दर्शाती है, जिसमें देव संस्कृति की गरिमा झलकती है। पत्थर और लकड़ी की नक्काशी, मंडप और गर्भगृह की दिव्यता इसे और भी अलौकिक बनाती है। पूरे क्षेत्र ने मिलकर इस मंदिर के निर्माण में योगदान दिया, इसलिए यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि गांव की एकता और भक्ति का प्रतीक भी है।

नए मंदिर में पहली बार प्रतिष्ठा सम्पन्न होना पूरे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण है।

आज 16 नवंबर 2025 को दोपहर 2 बजे, देवता साहिब जीशर, मैलन से देवता चतुर्मुख के नए मंदिर प्रतिष्ठा समारोह के लिए पावन प्रस्थान कर चुके हैं। पूरे क्षेत्र में आज का दिन उत्साह और भक्ति से भरा हुआ है क्योंकि नए मंदिर में पहली बार देव प्रतिष्ठा की दिव्य प्रक्रिया सम्पन्न हो रही है और देव शक्ति का नया आसन स्थापित हो रहा है।

रैक सामत वासी और सभी श्रद्धालु इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल होकर अपने सौभाग्य का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह क्षण पूरे समाज के लिए गर्व और आस्था का संगम है और इस प्रतिष्ठा से आने वाले वर्षों तक कल्याण और समृद्धि की कामना की जा रही है।

वापसी 17 नवंबर की शाम को निर्धारित है।
सभी जन अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ इस महत्त्वपूर्ण देव आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं।

HDM Desk
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